आजकल टीवी सीरियलों, कार्यक्रमों और फिल्मों में जिस तरह से अपशब्दों और गालियों का प्रयोग हो रहा है, वह एक चिंतनीय विषय है. इनमें सबसे ज्यादा फूहड़पन फैला रहे हैं आजकल के कॉमेडी शो. ये सभी कार्यक्रम महिलाओं और बच्चों की पहली पसंद बने हुये हैं. इन सबसे आने वाली पीढ़ियों में क्या सन्देश जा रहा है, ये हमें सोचना होगा. यही कारण है की आजकल के बच्चे बहुत जल्दी बड़े हो जाते हैं.
आजकल टीवी पर 'साले', 'कमीने', 'फट्टू', 'फक'..... ना जाने ऐसे और कितने ही शब्द जिनको यहाँ पर लिखा भी नहीं जा सकता, का प्रयोग किया जा रहा है. अब तो विज्ञापनों में भी ऐसे शब्दों का प्रयोग हो रहा है. एयरटेल का ऐड 'हर दोस्त कमीना होता है' आपको दिन भर दिखाई पड़ेगा. कामेडी शो की भाषा आप ध्यान से सुन ले तो शर्म से मर ही जाएँ.ये सब एक साजिश है हमारी संस्कृति को बर्बाद करने की. और इन सब में साथ दे रहा है हमारा सेंसर बोर्ड. जब हमारा सेंसर बोर्ड ही कुछ नहीं कर रहा है तो हम क्या कर सकते हैं. हम सिर्फ इतना कर सकते हैं की अपने बच्चों को कंट्रोल में रखें और उन्हें भारतीय संस्कृति के अनुरूप शिक्षा दें.

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